अनुसंधान प्रभाग
सीएसआईआर-एनसीएल एक ही कैम्पस में आन्तर्विधा अनुसंधान हेतु उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करती है । यहाँ रसायनविज्ञान, भौतिकी, जीवविज्ञान एवं रासायनिक अभियांत्रिकी विधाओं के वैज्ञानिक निम्नलिखित अनुसंधान प्रभागों में कार्य करते हैं :
उत्प्रेरण एवं अकार्बनिक रसायनविज्ञान
एनसीएल का उत्प्रेरण प्रभाग नई उत्प्रेरक सामग्रियों के संपूर्ण डिज़ाइन, उनके परीक्षण, विस्तार और अंतिम व्यावसायीकरण में सक्रिय रूप से संलग्न है। सामग्रियों का डिज़ाइन C1 रसायन विज्ञान, सिंथेटिक गैस, ऊर्जा, पर्यावरण, विशिष्ट/उत्तम रसायनों और जैव-व्युत्पन्न फीडस्टॉक्स के उपयोग से संबंधित अनुप्रयोगों पर केंद्रित है। इन सामग्रियों की मूलभूत समझ में परिवेशी दाब एक्स-रे फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रोमीटर (APXPS) और संबंधित तकनीकों जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का उपयोग करके इन-सीटू या ऑपरेंडो स्थितियों में विस्तृत सतह स्पेक्ट्रोस्कोपिक जाँच शामिल है। उत्प्रेरण प्रभाग उत्प्रेरक विस्तार और किलोग्राम स्तर तक सूत्रीकरण सुविधाओं से भी सुसज्जित है।

कार्बनिक रसायनविज्ञान
कार्बनिक रसायन प्रभाग में मूल अनुसंधान से लेकर औद्योगिक रसायनविज्ञान तक अनेक विधाओं में अनुसंधान किया जाता है । इसके अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान का केन्द्रबिन्दु उत्कृष्ट कार्बनिक संश्लिष्ट पद्धतियों की खोज और विकास तथा कार्बनिक रसायनविज्ञान में उपयुक्त मौलिक पहलुओं पता लगाना होता है । कार्बनिक रसायनविज्ञान ग्रूप मुख्यत: रासायनिक अनुसंधान एवं विकास के अलावा व्यापारिक मूल्य के अणुओं के संश्लेषण, प्रक्रिया रसायनविज्ञान, कस्टम संश्लेषण, प्राकृतिक उत्पादों का पृथक्करण एवं जैवसक्रियता का मूल्यांकन पर अधिक बल देता है । जैवकार्बनिक ग्रूप ओलिगोन्यूक्लिओटाइड्स, पेप्टिडोमाइमेटिक्स, संश्लिष्ट फोल्डामर्स एवं जैवउत्प्रेरण का संश्लेषण एवं उनके संभावित जैवचिकित्सकीय अनुप्रयोग पर अनुसंधान कार्य करता है । कार्बनिक रासायनिक मेकैनिज्म की अच्छी समझ के कारण यह ग्रूप जैवसंश्लिष्ट पाथवे में एन्जाइम के अभिलक्षणन हेतु रसायनविज्ञान का जीवविज्ञान तथा पदार्थविज्ञान के साथ इन्टरफेस करता है ।
जीवरसायन विज्ञान प्रभाग
जीवरसायन विज्ञान प्रभाग के अधीन तीन अनुसंधान क्षेत्र आते हैं । मौलिक सूक्ष्मजैविक शरीरविज्ञान एवं आणविक प्रक्रियाएँ समझने हेतु सूक्ष्मजैविक प्रौद्योगिकी ग्रूप की गतिविधियों में कवकी, एन्डोफाइट्स, एक्स्ट्रेमोफाइल्स एवं अनकल्चरेबल्स सहित सूक्ष्मजैविक विविधता का प्रयोग सम्मिलित हैं । इन प्रक्रियाओँ का प्रयोग मानव स्वास्थ्य, कृषि तथा उद्योगजगत में किया जाता है । पादप जीवरसायन एवं जैवप्रौद्योगिकी मुख्य रूप से पौधों में प्रतिबल सह्यता मेकैनिज्म एवं उपापचयी पाथवेज, जैवविविधता की जैवप्रॉस्पेक्टिंग तथा कृषि, स्वास्थ्य एवं ऊर्जा के क्षेत्र में अनुप्रयोग हेतु ओमिक्स पद्धति अपनाते हुए आनुवंशिक उपकरणों का विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हैं । मानव विकार एवं स्वास्थ्य ग्रूप विभिन्न पद्धतियों का प्रयोग करते हुए मानव स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट समस्याओं के जैवरासायनिक एवं आणविक समझ पर शोधकार्य करता है । नैनोप्रौद्योगिकी ग्रूप मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में नैनोपदार्थों के अनुप्रयोग हेतु उनके सूक्ष्मजैविक एवं पादप आधारित जैवसंश्लेषण का कार्य करता है । उक्त अनुसंधानकार्य में संरचनात्मक जीवविज्ञान, मास स्पेक्ट्रोमेट्री एवं आणविक जीवविज्ञान से सम्बद्ध सुविधाओं की सहायता प्रदान की जाती है ।
बहुलक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी
सीएसआईआर-एनसीएल का पॉलिमर साइंस एंड इंजीनियरिंग (PSE) डिवीजन अत्याधुनिक वैज्ञानिक और अनुप्रयुक्त अनुसंधान करता है, और इस प्रकार उद्योग, शिक्षण संस्थानों तथा सरकार के लिए लगातार एक मूल्यवान भागीदार बना हुआ है। मोनोमर संश्लेषण से लेकर उत्पाद विकास तक की क्षमताओं के साथ, यह समूह पॉलिमर के जीवन चक्र की हर प्रक्रिया में योगदान देने में सक्षम होने पर गर्व करता है। वर्तमान में PSE समूह की प्रमुख ज्ञान-क्षमताओं में शामिल हैं: पॉलिमराइज़ेशन रसायन पॉलिमराइज़ेशन उत्प्रेरक (Catalysis) झिल्ली विज्ञान एवं तकनीक (Membrane Science & Technology) सामग्री वर्णन (Materials Characterization) संरचना-गुणधर्म संबंध (Structure-Property Relationships) ब्लेंड्स और कॉम्पोज़िट्स पॉलिमर प्रोसेसिंग सिद्धांत और सिमुलेशन बायोमास और जैव-अक्षय स्रोत (Biorenewables) कंडक्टिंग पॉलिमर बायोमिमेटिक पॉलिमर और जेल नियंत्रित विमोचन सूत्रीकरण (Controlled Release Formulations) 3डी प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रतिभाशाली फैकल्टी, विश्व स्तरीय सुविधाएं और निर्बाध एकीकरण से सुसज्जित यह डिवीजन एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करता है और देश में पॉलिमर उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है। यह डिवीजन ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता, पर्यावरण की सुरक्षा, किफायती सामग्री और सस्ती स्वास्थ्य सेवा जैसे विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों में योगदान देता है। PSE ने उभरती हुई तकनीकों को पोषित करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं, जिसका एक उदाहरण 3डी प्रिंटिंग और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के लिए समर्पित CoE है, जो उद्योग की मांगों को पूरा करता है।

भौतिक एवं पदार्थ रसायनविज्ञान
परमाणु/अणु के स्तर पर किस प्रकार चीजें किस प्रकार कार्य करती है, यह जानने की तीव्र उत्सुकतावश भौतिक एवं पदार्थ रसायनविज्ञान प्रभाग अनुसंधान कार्य करता है । हमारा लक्ष्य सामाजिक, आर्थिक, एवं निजी मूल्य से युक्त खोजें करने हेतु हमारे रसायनविज्ञान के ज्ञान तथा आस्था को एक सूत्र में पिरोना है । वर्तमान में इस प्रभाग द्वारा सैद्धान्तिक अभिकलनी रसायनविज्ञान, पदार्थ विज्ञान, रासायनिक अभिक्रियाओं एवं प्रक्रियाओं की ऊष्मागतिकी, आणविक प्रतिरूपण एवं अनुरूपण पर अनुसंधान कार्य किया जा रहा है । हमारा सामान्य लक्ष्य है पदार्थ – चाहे व घन हो, द्रव रूप में हो अथवा गैस के रूप में हो – की खोज करना, उसका परीक्षण करना और उसकी मौलिक भौतिक विशेषताओं को समझना तथा ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जैसी वर्तमान राष्ट्रीय/वैश्विक हित के विभिन्न क्षेत्रों में उसके अनुप्रयोग की संभावनाओं का पता लगाना । हम हर उद्योग की जरूरतें पूरी करते हैं और जिन उद्योगों के साथ हम सहयोग करते हैं वे रासायनिक प्रक्रियाओं, सैद्धान्तिक पद्धतियाँ एवं उपकरण, सेरामिक्स, उत्प्रेरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, सर्फेक्ट्न्ट्स एवं कोलॉइड्स, निजी प्रयोग के उत्पाद आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं ।
रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रक्रिया विकास
रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रक्रिया विकास प्रभाग सम्बद्ध समस्याओं के निराकरण हेतु नवोन्मेष एवं ज्ञान के आधार के निर्माण पर ध्यान देता है । रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रक्रिया विकास वास्तविक जीवन की समस्याओं के निराकरण हेतु नई दृष्टि एवं पद्धतियों का विकास करता है । इस प्रभाग का शोधकार्य मुख्यत: रासायनिक उद्योग पर केन्द्रित होता है । रसायन उद्योग प्रतिदिन लाखों लोगों के जीवन से जुड़ी हुई होती है और मानव जीवन की गुणता को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है । रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रक्रिया विकास का वैज्ञानिक दल पारंपरिक रसायन उद्योग के आगे जाकर ऊर्जा एवं बिजली (कोयला, सौर, पवन, जैव आदि), खाद्य, स्वास्थ्य विषयक (इम्प्लान्ट्स, डाइग्नोसिस एवं अन्य), पदार्थ (बहुलक, धातु, सिमेन्ट एवं अन्य प्रगत पदार्थ), जल आदि जैसे प्रतिस्पर्धात्मक उद्योगों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है । रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रक्रिया विकास द्वारा प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव डालने एवं उसके द्वारा उक्त उद्योग क्षेत्रों में वृद्धि दर, धारणीयता एवं सम्मिलितता को आगे बढ़ाने हेतु प्रयास किए जाते हैं ।

डाइमिथाइल ईथर (डीएमई)