सतत और नियंत्रित विमोचन तकनीकों का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, रासायनिक अभियांत्रिकी, कृषि, जल उपचार, कोटिंग्स, एंटीफाउलिंग आदि क्षेत्रों में किया जाता है। पॉलीमर, अकार्बनिक तथा पॉलीमर और अकार्बनिक घटकों के संकर पदार्थों पर आधारित सामग्री प्रचलन में हैं। हमारे प्रयोगशाला में, हम उन सामग्रियों को इच्छित संरचनाओं/रूपों में डिज़ाइन, संश्लेषित और विकसित करते हैं ताकि सतत या नियंत्रित विमोचन प्राप्त किया जा सके। ये संरचनाएँ माइक्रोकैप्सूल, स्कैफ़ोल्ड, फिल्म, जेल, तंतु, कण आदि के रूप में होती हैं, जिनमें सक्रिय एजेंटों को भौतिक, आयनिक या संयोजित (कोवैलेन्ट) रूप से विभिन्न रूपों जैसे बल्क, माइक्रो और नैनो में आवद्ध किया जाता है। हमारे पास इन वितरण प्रणालियों को नियंत्रित करके संलग्न एजेंट के विमोचन की गतिशीलता और तंत्र को समझने तथा नियंत्रित करने का विशेषज्ञता है। हमारी प्रयोगशाला इन सामग्रियों के गुणों के विश्लेषण और वर्णन के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित है। इसके अतिरिक्त, इन सामग्रियों की कोशिका विषाक्तता, जैवअनुकूलता और जैवअपघटनीयता को समझने के लिए in vitro और in vivo कोशिका संस्कृति अध्ययनों की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।