NCL ने ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और प्रक्रिया विकास के क्षेत्र में विश्व-स्तरीय अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है, जो कि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री विभाग (OCD) के पूर्व और वर्तमान वैज्ञानिकों के व्यापक योगदान के कारण संभव हुआ। भारत के रासायनिक और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को NCL जैसे प्रमुख प्रयोगशाला के समर्थन से अत्यधिक लाभ हुआ है और यह क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है। OCD ने फार्मा और कृषि उत्पादों के लिए कई प्रक्रियाएँ विकसित कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 1950 के दशक में ऑर्गेनिक इंटरमीडिएट्स और रंगद्रव्यों के लिए प्रक्रियाओं के विकास से शुरू हुई यह यात्रा, जो बाद में कृषि रसायन और फार्मास्यूटिकल्स तक विस्तारित हुई, जिसमें मुख्य आरंभिक सामग्रियों (KSMs) के आयात प्रतिस्थापन शामिल है, अब एक ऐसे चरण पर पहुँच गई है जहाँ बहुविषयक उच्च गुणवत्ता वाले विज्ञान और उभरती संश्लेषणात्मक तकनीकों जैसे इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, फोटोकेमिस्ट्री, बायोकैटालिसिस और सतत प्रवाह रसायन विज्ञान के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। आधुनिक संश्लेषणात्मक उपकरणों के साथ मौलिक रसायन विज्ञान को उन्नत करना और इन्हें प्रक्रिया विकास में लागू करना, इस महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्र में वर्तमान में OCD के वैज्ञानिकों का मुख्य फोकस है।