स्वच्छ, सतत और कार्बन-तटस्थ ऊर्जा प्रणालियों की वैश्विक तात्कालिक आवश्यकता हमारे हाइड्रोजन इंजीनियरिंग और पर्यावरणीय उत्सर्जन नियंत्रण से संबंधित अनुसंधान को प्रेरित करती है। CSIR-NCL में हम अत्याधुनिक तकनीकों के विकास पर कार्य कर रहे हैं, जैसे 1.5 kW और 3 kW ऑल-इन-वन इलेक्ट्रोलाइज़र, 12 kW एनायन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (AEM), एल्कलाइन फ्यूल सेल इलेक्ट्रोलाइज़र, तथा 3 kW समुद्री जल इलेक्ट्रोलाइज़र टेस्ट स्टेशन। प्रदर्शन मूल्यांकन में फुजीफिल्म प्रेशर डिस्ट्रीब्यूशन विश्लेषण तथा इलेक्ट्रोकेमिकल परीक्षण जैसे ICR, CV, CP आदि शामिल हैं, साथ ही फाइबर ऑप्टिक्स आधारित रियल-टाइम फ्यूल सेल डायग्नोस्टिक्स और सिमुलेशन भी किए जाते हैं। इस विषय से आगे बढ़ते हुए, हमारा कार्य हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन (H₂-ICE) के लिए उन्नत कैटालिटिक कन्वर्टर सिस्टम विकसित करने पर भी केंद्रित है, जो चयनात्मक उत्प्रेरक अपचयन (SCR) के माध्यम से NOx उत्सर्जन को कम करता है और हानिकारक प्रदूषकों को नाइट्रोजन (N₂) और जलवाष्प में परिवर्तित करता है। इससे एक वास्तविक रूप से हरित और जीवन-चक्र सतत हाइड्रोजन ऊर्जा संक्रमण सुनिश्चित होता है। हमारा कार्य CSIR, MNRE और NTPC के सहयोग से भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में सक्रिय योगदान देता है।