रेयर-अर्थ तत्व (REEs) उच्च-प्रदर्शन स्थायी मैग्नेट के महत्वपूर्ण घटक हैं, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। इन तकनीकों के तीव्र विस्तार के साथ-साथ प्राथमिक REE खनन से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव और भू-राजनीतिक जोखिमों ने सतत पुनर्चक्रण रणनीतियों में रुचि बढ़ा दी है। उपयोग-समाप्त (EoL) स्थायी मैग्नेट एक उच्च-मूल्य वाला द्वितीयक संसाधन हैं, जिनमें नियोडिमियम (Nd), प्रेजोडिमियम (Pr), डिस्प्रोसियम (Dy) और टर्बियम (Tb) की प्रचुरता होती है। REE पुनर्प्राप्ति के लिए विभिन्न पुनर्चक्रण मार्गों—जैसे पायरोमेटलर्जिकल, हाइड्रोमेटलर्जिकल और प्रत्यक्ष पुनर्चक्रण विधियाँ—का अध्ययन किया गया है। इनमें से हाइड्रोमेटलर्जी प्रक्रिया विशेष लाभ प्रदान करती है, जैसे कम ऊर्जा खपत, उच्च पुनर्प्राप्ति दक्षता और उच्च शुद्धता वाले उत्पादों का निर्माण। इस अध्ययन में उपयोग किए गए स्थायी मैग्नेट के पुनर्चक्रण हेतु एक हाइड्रोमेटलर्जिकल प्रक्रिया विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य रेयर-अर्थ तत्वों (Nd, Pr, Dy, Tb) और संक्रमण धातुओं (Fe) का चयनात्मक पुनर्प्राप्ति है। यह प्रस्तावित दृष्टिकोण द्वितीयक ई-वेस्ट से REEs को पुनर्प्राप्त करने के लिए एक कुशल और पर्यावरण-अनुकूल मार्ग प्रदान करता है।